Friday, 27 October 2017

आउगी ऐ ज़िन्दगी तेरे पास 

तू कुछ पल और ठहर जा...

अभी तो खुद से मिले भी

एक अर्सा बीत गया...

Sunday, 15 October 2017

या तो अब सागर में डूब मोती को पाऊँगी...
या फिर एक तैराक बन उभर जाऊँगी!!


या तो अब सागर में डूब मोती को पाऊँगी...

या फिर एक तैराक बन उभर जाऊँगी!!