feathers...
Sunday, 31 December 2017
Why to depend on BEST wishes,
Let's
CREATE
a BEST year !!!
isn't it ?
Saturday, 30 December 2017
कुछ इस कदर चाहा है मेने खुद को
के उमींदे खुद से तोड नहीं सकती ।
तोड़ सकती हूं हार की हर दीवार
पर जीत का दामन छोड़ नहीं सकती।।
प्रकाश को निहारती मै
Tuesday, 5 December 2017
नहीं जानती के कब तक खुद से जुदा रहूंगी
पर ये भी सत्य हे एक दिन खुद को पाकर रहूंगी...
ज़िद्दी मै
Friday, 1 December 2017
Emotions are fragile,
mishandling can lead to damage ...
Parcel-
"Handle with care"
Friday, 27 October 2017
आउगी ऐ ज़िन्दगी तेरे पास
तू कुछ पल और ठहर जा...
अभी तो खुद से मिले भी
एक अर्सा बीत गया...
Sunday, 15 October 2017
या तो अब सागर में डूब मोती को पाऊँगी...
या फिर एक तैराक बन उभर जाऊँगी!!
या तो अब सागर में डूब मोती को पाऊँगी...
या फिर एक तैराक बन उभर जाऊँगी!!
Monday, 25 September 2017
पाया बस इतना के सच्चा हितेषी सिर्फ और सिर्फ खुदा दोस्त हैं ...
नि:अहंकारी, निस्वार्थी, अपार प्रेम और करुणा से भरा !!!
ख़ुशनसीब मै...
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